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किसी मासूम को रेशम में लिपटा फेक आई है
कोई शहज़ादी एक नन्हा फ़रिश्ता फेक आई है ..........


यतीमों में इज़ाफा हो गया फुटपाथ पर फिर से 
अमीरी फिर कोई नापाक़ रिश्ता फेक आई है ................


उसी बुनियाद पर देखो अमीर ए शहर बसता है
गरीबी जिस जगह अपना पसीना फेक आई है ..........

वो पागल आँख में आंसू तो अपने साथ ले आई
मुहब्बत की निशानी था जो छल्ला,फेक आई है .............

ये मैं ही हूँ मुसलसल चल रहा हूँ नंगे पावों से
कि ये तक़दीर तो राहों में शीशा फेक आई है .....................


आज ४-फरवरी को चौरा चौरी काण्ड की बरसी है . चौरी चौरा उत्तर प्रदेश में गोरखपुर के पास का एक कस्बा है जहाँ 4 फ़रवरी 1922 को भारतीयों ने बिट्रिश सरकार की एक पुलिस चौकी को आग लगा दी थी , जिससे उसमें छुपे हुए 22 पुलिस कर्मचारी जिन्दा जल के मर गए थे। इस घटना को चौरीचौरा काण्ड के नाम से जाना जाता है।

भारत के पंजाब प्रान्त के अमृतसर में स्वर्ण मन्दिर के निकट जलियाँवाला बाग में १३ अप्रैल १९१९ (बैसाखी के दिन) को रौलेट एक्ट का विरोध करने के लिए एक सभा हो रही थी जिसमें जनरल ओ. डायर नामक एक अँगरेज ऑफिसर ने अकारण उस सभा में उपस्थित भीड़ पर गोलियाँ चलवा दीं जिसमें १००० से अधिक व्यक्ति मरे और २००० से अधिक घायल हुए। इस नरसंहार के बाद सारे देश में अंग्रेजो के खिलाफ नफरत की भावना पैदा हो गयी थी .

इस घटना के बाद देश में अंग्रेजों के खिलाफ जन आक्रोश को देखते हुए , गांधी जी ने असहयोग आन्दोलन शुरू किया था . गोरखपुर में आन्दोलन करने वालों पर पुलिस ने अँधा-धुंध गोली चला दी थी . जिसमे काफी लोग मारे गए थे, इस पर बहा के लोगों ने मिलकर पुलिस पर हमला बोल दिया और और अंग्रेज पुलिस वालों बहुत पीटा. कुछ तो इधर उधर भाग गए बाकी अंग्रेज पुलिस बाले , चौरा चौरा थाने में चुप कर जनता पर गोलियां चलाने लगे . इस पर आन्दोलन कारियों ने थाने में आग लगा दी जिसमे २२ पुलिस बाले मारे गए .

जालिम अंग्रेजों की हिम्मत जलियाँ बाले बाग़ काण्ड के बाद बहुत बढ़ चुकी थी, लेकिन इस घटना के बाद उनको भी हिन्दुस्तानियों से भय लगने लगा था . इस इस घटना के बाद अंग्रेजों को लगने लगा कि अब जनता पर जुल्म करना तो दूर अपनी जान बचाना भी मुस्किल है. इस लिए इस काण्ड के बाद १७७ लोगों को फांसी की सजा सुनायी गयी थी , मगर महामना मदन मोहन माल्वीय जी के प्रयास से 15८ लोगों की जान बच सकी थी . १९ लोगो को २-जुलाई १९२३ को फांसी पर लटका कर शहीद कर दिया गया था .

इसके अलावा अंग्रेजों ने मुसलमानों के लिए एक अलग मुस्लिम देश बनाने का लालच देकर, मुसलामानों को असहयोग आन्दोलन से अलग किया और फिर गांधी पर दबाब डालकर आन्दोलन बापस लेने पर मजबूर किया . गांधी ने कहा कि - हिंसा होने के कारण असहयोग आन्दोलन उपयुक्त नहीं रह गया है और उसे वापस ले लिया था . उसके बाद भारतीय क्रांतिकारियों का दमन करना शुरू कर दिया था .

२- जुलाई १९२३ को चौरी चौरा कांड के क्रांतिवीरो को, देश के विभिन्न जेलों में फासी पर लटका दिया गया . जिन १९ क्रांतिकारियों को फासी हुई थी उन शहीदों के नाम इस प्रकार हैं .--

१- अब्दुल्ला उर्फ़ सुकई
२-भगवान
३-विकरम
४-दुधई
५-कालीचरण
६-लाल्मुहमद
७-लौटू
८-महादेव
९-लालबिहारी
१०-नज़र अली
११-सीताराम
१२-श्यामसुंदर
१३-संपत रामपुरवाले
१४-सहदेव
१५- संपत चौरावाले
१६-रुदल
१७-रामरूप
१८-रघुबीर
१९- रामलगन

इन अमर शहीदों को मेरा कोटि कोटि नमन, भारत माता कि जय, वन्दे मातरम , जय हिंद .....


एक बेटा विदेश में धन कमाने गया. वहां से उसने माँ को अपनी दिनचर्या बताई ...

सुबह उठकर घर की साफ़ सफाई , फिर स्नान , फिर पूजा पाठ, फिर नाश्ता बनाना,
फिर घर के सभी दरवाजे अच्छे से बंद करके घर को सुरक्षित करके काम पर जाना, आते
समय सब्जी भाजी की खरीदारी, घर आकर खाना बनाना, खाकर बर्तन वगरे साफ़ करना. फिर
प्रभु का नाम लेकर सो जाना.

माँ ने पुछा -- बेटा घर के बाथरूम भी तुम साफ़ करते हो ?

बेटे ने कहाँ - हाँ माँ,
माँ ने पुछा - बेटा झाड़ू-पोंछा , बाजार हाट भी सब तुम्ही को करना पड़ता हैं ?
बेटे ने कहाँ - हाँ माँ
माँ ने पूछा - बेटा घर की सुरक्षा , हिसाब किताब, फिर पूजा पाठ भी सब तू करता हैं ?

बेटे ने कहाँ - हाँ माँ..सबकुछ मैं ही करता हूँ.
माँ ने कहा बेटा तू तो अब इंसान हो गया रे.
बेटे ने आश्चर्य से पूछा -- इंसान बन गया मतलब ??

माँ ने कहा -- तू चारों वर्णों के काम बिना किसी संकोच के स्वयं करता हैं..
पंडित का भी..शुद्र का भी ..वैश्य का भी और क्षत्रिय के समान घर की रक्षा का काम भी तू ही करता हैं. मुझे गर्व हैं की तू जातिवाद और वर्ण वाद से बहुत ऊपर उठकर अब इंसान बन गया हैं..............


माहौल में कैसे मिले युवाओं को अवसर
कहीं इंटरनेट युवा पीढ़ी को तबाह ना कर द
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आज के समय पूरी दुनिया सिमट कर हमारी उंगलियों पर आ गयी है और यह सब संभव हो पाया है केवल सूचना प्रौधोगिकी के कारण और इस सूचना प्रौधोगिकी का सारा आधार है इंटरनेट । दुनिया में सबसे ज्यादा इंटरनेट प्रयोग करने वालों की संख्या चीन में है और भारत जैसे देश मे भी लगभग 30 करोड़ लोग वर्तमान समय में इंटरनेट का प्रयोग कर रहे है !!

इंटरनेट जिस के फायदे बहुत है तो इसके खतरे भी बहुत है ...
आज इंटरनेट पर दुनिया भर की इतनी अधिक जानकारियां उपलब्ध है, जिनके फायदें बहुत है तो नुकसान भी कम नहीं है , जैसे कि हम देख सकते कि आज इंटरनेट पर बम बनाने के तरीके आसानी से उपलब्ध है और चाइल्ड़ पोनोग्राफी जैसी सामग्री जिस का बेजा इस्तेमाल आज की पीढ़ी कर रही है,इन्टरनेट इस्तेमाल करने वाले अधिकतर व्यक्ति पोर्न साईट यूज करते ही हैं, 100 में से 80 जनों ने ऐसी साइटें कभी ना कभी विजिट कि ही होगी || 

लेकिन अब जो खुलासे मै करने वाला हूँ अपने इस लेख के माध्यम से शायद उसको पढ़ के हर माता पिता सोचने पे मजबूर हो जाये .. और पानी सर के ऊपर से गुजरे , उससे पहले इसको रोकने के लिए हमारी सरकार कुछ कड़े कदम उठाये !! 

भारत में आज कल हर युवा इन्टरनेट का प्रयोग करता हे .. अधिकतर घरो में इंटरनेट की सुविधा ले रखी है, बच्चे अपने पेरेंट्स को कहते है की उन्हें इन्टरनेट जरुरी है और वो दिन भर उसका इस्तेमाल करते है .. माता पिता को लगता है की बच्चा पढ़ रहा है, लेकिन शायद वो नहीं जानते की बच्चा इंटरनेट के माध्यम से घर में बैठे हुए ही, किस नयी दुनिया में सफ़र कर रहा है , किन नए लोगो से मिल रहा है और जाने क्या क्या नयी बाते सीख रहा है !!

इन्टनेट की सोशल वेब साइट्स जैसे ऑरकुट , याहू , फेसबुक बच्चो के बीच में बहुत ही फेमस है वो दिन में घंटो, इन्ही पे बिता देते है ||

में इन्टरनेट का रेगुलर यूज करता हूँ और जितनी भी सोशल साइट्स है, करीब करीब सब मैंने युज की है || दिखने में सब कुछ सिम्पल सा लगता है लेकिन जब आप इन का यूज करोगे तो आप को पता चलेगा की हकीकत कुछ और है, और ये साइट्स आज की युवा पीढ़ी को सेक्स ज्ञान के आलावा कुछ और नहीं बाँट रही है|| 

मैंने इस पे काफी सर्च किया है , और याहू इस के चाट रूम में खाली सेक्स पे बात होती है, इन चाट रूम में आप को 15 साल के छोटे बच्चे से लेकर के 50 साल के शादी शुदा लोग मिल जायेंगे जो विर्चुली सेक्स करते है , ओन वेब केम, यदि आप के पास वेब केम है तो आप अपने इशारे पे सामने वाले से कुछ भी करा सकते हो, कुछ भी मतलब हर तरह की अश्लील हरकतें वो भी लाइव ||

इन चाट रूम में वाइफ स्वेपिंग , कॉल गर्ल , कॉल बॉय आसानी से मिल जायेंगे और १८ से २८ साल के लड़के- लड़कियां आपस में सेक्स करने के लिए हमेशा तैयार मिलेंगे 

और यदि आप एक ही शहर के है और किस्मत साथ दे तो शायद आप रियल लाइफ तक, अपनी विर्चुअल लाइफ को ले जाए , मतलब एक आसन सा जरिया सेक्स मार्केटिंग का !!
साइबर क्राइम को रोकने के लिए सरकार के पास कोई सख्त क़ानून नहीं है , यही वजह है कि सेक्स माफिया अब इन्टरनेट युजर को अपना निशाना बना रहें है , पहले वो आप को यहाँ सेक्स का ज्ञान देंगे , आप को विर्चुअल सेक्स के लिए प्रेरित करेंगे , फिर यदि आप उनके झांसे में फस कर कुछ पलों के मनोरंजन के लिए उनके इशारे पे काम करते है , तो वो आप का वेबकैम विडियो सेव करके उसे इन्टरनेट के माध्यम से अश्लील वेब साइटों पे डाल देंगे, आप को पता भी नहीं चलेगा और आप एक छोटी सी गलती बना देगी , आप को रातों रात एक पोर्न स्टार ||

मेरी समाज के प्रबध जनों , संपादकों , न्यूज़ चेनल , और दूसरी सामाजिक संस्थाओं से इस लेख के माध्यम से निवेदन है कि हमारी युवा पीढ़ी कि , हमारी संस्किर्ती कि रक्षा के लिए, इस दिशा में कुछ सोचें || मै खुद एक जनहित


मित्रो समय हो तो जरुर पढजो... 
1)अगर
लगातार दौडने से लक्ष्मी मिलती तो, आज
कुत्ता लक्ष्मीपति होता..
2)मौत रिश्वत
नही लेती लेकिन, रिश्वत मौत ले लेती है..

3)काम मेँ ईश्वर का साथ मांगो लेकिन, ईश्वर
काम कर दे ऐसा मत मांगो..

4) कडवा सत्य
एक गरीब पेट के लिए सुबह जल्दी उठकर दोडता है
और
एक अमीर पेट कम करने के लिए सुबह जल्दी उठकर
दौडता है..

5) 50 रुपे मेँ 1 लीटर कोल्डंड्रीक आती है..जिसमे
स्वाद और पोषण जीरो..
और कमाता कौन?
मल्टीनेशनल कम्पनिया
और
उसके सामने 50 रुपे मे 1 किलो फल आते है स्वाद
भरपुर और पोषण लाजवाब और कमाता कौन?
धुप मेँ,सर्दी मेँ,बरसात मेँ लारी लेकर
घुमता अपना एक गरीब भारतवासी..

6) सबंध भले थोडा रखो लेकिन,
एसा रखो कि शरम किसी की झेलनी ना पडे मौत
के मुह से जिदंगी बरस पडे और
मरने के बाद शमशान की राख भी रो पडे..

7) जब
तालाब भरता है तब,
मछलीया चीटीँयो को खाती है और जब तालाब
खाली होता है तब
चीटींया मछलियो को खाती है
मौका सबको मिलता है
बस अपनी बारी का इन्तजार करो..

8)दुनिया मेँ दो तरह के लोग होते है.. एक
जो दुसरो का नाम याद रखते है और
दुसरा जिसका नाम दुसरे याद रखते है..

9) सुख मेँ सुखी हो तो दु:ख भोगना सिखो जिसको खबर
नही दु:ख की तो सुख का क्या मजा.?

10) जीवन मेँ कुछ बडा मिल जाए तो छोटे को मत भुलना..
क्योकिँ जहा सुई काम हो
वहा तलवार काम नही आती..

11) माँ-बाप का दिल दुखाकर आजतक दुनिया मेँ
कोई सुखी नही हुआ..

12) भगवान का उपकार है कि आँसुऔ को रंग
नही दिया
वरना
रात को भींगा तकिया सवेरे कुछ ना कुछ भैद खोल
देता..

13) जो इंसान प्रेम मेँ निष्फल होता है
वो जिदगी मे सफल होता है..

14) आज करे कल कर कल करे
सो परसो ईतनी भी क्या जल्दी है
जब जीना है बरसो..

15) दुनिया का सबसे
कीमती प्रवाही कौनसा है? आँसु
जिसमेँ
1% पानी
और
99% भावनाए होती है..

16) दुनिया का सबसे अमीर आदमी भी माँ के
बिना गरीब है..

17) गुस्से मे आदमी कभी कभी व्यर्थ बाते
करता है,
तो कभी मन की बात भी बोल देता है..

18) भगवान खडा है तुझे सब कुछ देने के लिए लेकिन तु
चम्मच लेकर खडा है पुरा सागर माँगने के लिए..

19) आप यह पोस्ट पढ रहे हो
ईसका असतित्व आप के माँ बाप है...

20) जिसको सपने देखने की आदत होती है उसके लिए
रात भी कम पडती है
और
जिसको सपने साकार करने की आदत होती है उसके
लिए दिन भी कम पडता है...


मत पूछे के ठाठ भायला | पोळी मै खाट भायला ||
पनघट पायल बाज्या करती ,सुगनु चुड़लो हाथा मै |
रूप रंगा रा मेला भरता ,रस बरस्या करतो बातां मै |
हान्स हान्स कामन घणी पूछती , के के गुज़री रात्यां मै |
घूंघट माई लजा बीनणी ,पल्लो देती दांता मै |
नीर बिहुणी हुई बावड़ी , सूना पणघट घाट भायला |
पोळी मै है खाट भायला ||

छल छल जोबन छ्ळ्क्या करतो ,गोटे हाळी कांचली |
मांग हींगलू नथ रो मोती ,माथे रखडी सांकली |
जगमग जगमग दिवलो जुगतो ,पळका पाडता गैणा मै |
घनै हेत सूं सेज सजाती ,काजल सारयां नैणा मै |
उन नैणा मै जाळा पड़गा ,देख्या करता बाट भायला |
पोळी मै खाट भायला||

अतर छिडकतो पान चबातो नैलै ऊपर दैलो |
दुनिया कैती कामणगारो ,अपने जुग को छैलो हो |
पण बैरी की डाढ रूपि ना, इतनों बळ हो लाठी मैं |
तन को बळ मन को जोश झळकणो ,मूंछा हाली आंटी मै |||
इब तो म्हारो राम रूखाळो , मिलगा दोनूं पाट भायला |
पोळी मै खाट भायला||

बिन दांता को हुयो जबाडो चश्मों चढ्गो आख्याँ मै |
गोडा मांई पाणी पडगो जोर बच्यो नी हाथां मै |
हाड हाड मै पीड पळै है रोम रोम है अबखाई |
छाती कै मा कफ घरडावै खाल डील की है लटक्याई ||
चिटियो म्हारो साथी बणगो ,डगमग हालै टाट भायला |
पोळी मै है खाट भायला ||


उनको ये शिकायत है.. मैं बेवफ़ाई पे नही लिखता,
और मैं सोचता हूँ कि मैं उनकी रुसवाई पे नही लिखता.'

'ख़ुद अपने से ज़्यादा बुरा, ज़माने में कौन है ??
मैं इसलिए औरों की.. बुराई पे नही लिखता.'

'कुछ तो आदत से मज़बूर हैं और कुछ फ़ितरतों की पसंद है ,
ज़ख़्म कितने भी गहरे हों?? मैं उनकी दुहाई पे नही लिखता.'

'दुनिया का क्या है हर हाल में, इल्ज़ाम लगाती है,
वरना क्या बात?? कि मैं कुछ अपनी.. सफ़ाई पे नही लिखता.'

'शान-ए-अमीरी पे करू कुछ अर्ज़.. मगर एक रुकावट है,
मेरे उसूल, मैं गुनाहों की.. कमाई पे नही लिखता.'

'उसकी ताक़त का नशा.. "मंत्र और कलमे" में बराबर है !!
मेरे दोस्तों!! मैं मज़हब की, लड़ाई पे नही लिखता.'

'समंदर को परखने का मेरा, नज़रिया ही अलग है यारों!!
मिज़ाज़ों पे लिखता हूँ मैं उसकी.. गहराई पे नही लिखता.'

'पराए दर्द को , मैं ग़ज़लों में महसूस करता हूँ ,
ये सच है मैं शज़र से फल की, जुदाई पे नही लिखता.'

'तजुर्बा तेरी मोहब्बत का'.. ना लिखने की वजह बस ये!!
क़ि 'शायर' इश्क़ में ख़ुद अपनी, तबाही पे नही लिखता